Wednesday, 21 February 2018

तीन तलाक कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन, बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं सड़कों पर उतरी


भोपाल . कानून वापस लेने की मांग को लेकर मुस्लिम महिलाएं सड़क पर उतर आई हैं। मंगलवार को इसके विरोध में ख्वातीनों ने नीलम पार्क से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला। उनकी मांग है कि सरकार तीन तलाक के कानून को वापस ले। वे इसके खिलाफ हैं। महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इसके पूर्व महिलाओं की नीलम पार्क में आमसभा हुई। तीन तलाक बिल के विरोध में महिलाओं का कहना था कि वे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं और जबरन उन पर थोपे जा रहे नए कानून का वे विरोध करती हैं।शरीयत के विरुद्ध कोई भी बिल लाने का हक नहीं....
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वुमंस विंग की सदस्य सलेहा तबस्सुम ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को शरीयत के विरुद्ध कोई बिल लाने का हक नहीं है। महिलाएं तीन तलाक के लिए लाए जा रहे बिल का समर्थन नहीं करती हैं। सरकार को कोई हक नहीं है कि उनके धर्म के मामले में दखल दे। यदि सरकार को कुछ करना ही है तो वह कोई ऐसा रास्ता निकाले जिससे लोग एजुकेट हों। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार बिल वापस नहीं लेती तो महिलाएं संसद का घेराव करेंगी।
जाहिल लोग करते हैं तीन तलाक जैसी हरकत,
 साहिबा फिरदौस ने कहा कि तीन तलाक जैसी हरकत कुछ जाहिल लोग करते हैं। कुछ लोगों के लिए सब पर कानून थोप देना गलत है। उनका कहना है कि महिलाएं पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं, सरकार तीन तलाक कानून वापस ले।
बहकावे में आईं कुछ महिलाओं ने मुद्दा उछाला,
सबीहा मिर्जा ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को उन महिलाओं ने उछाला है, जो मुस्लिम नहीं हैं या फिर किसी के बहकावे में आ गई हैं। सरकार ऐसी महिलाओं की सुन रही है। केंद्र सरकार को वे महिलाएं दिखाई नहीं दे रहीं, जो इस कानून का विरोध कर रही हैं और खुलकर सामने आ रही हैं।
हमारे हक में नहीं कानून,
अामना रिजवान ने कहा कि यह कानून महिलाओं के हक में नहीं हैं। उनका कहना है कि जिस तरह दूसरे कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है वैसे ही जो बिल लाया जा रहा है उसका भी दुरुपयोग शुरू हो जाएगा। लोग अपने स्वार्थ के लिए उसका उपयोग करेंगे।
 उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब महिलाओं की हिमायती बन रही है। इस अवसर पर मौलाना नजीब नदवी, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद, मौलाना मसीह आलम, मौलाना शराफत अली आदि ने भी आमसभा को संबोधित किया।

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