Saturday, 25 February 2017

अशोक चव्हाण ने किया शिवसेना को समर्थन देने से ई इंकार रखी शर्त


◆मुंबई, युसूफ मंसूरी/मुंबई स्टाइल
अशोक चव्हाण ने बृहन्न मुंबई नगर पालिका (BMC) के चुनाव में शिव सेना का समर्थन करने का विरोध किया है। चौहान ने कहा कि जब तक शिव सेना राज्य सरकार में शामिल है तब तक कांग्रेस शिव सेना का समर्थन नहीं करेगी। दूसरी ओर मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक शिवसेना ने मेयर पद पर कब्जे के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा है। लेकिन कांग्रेस ने भी एक शर्त रख दी है। सूत्रों के अनुसार, नौ मार्च को होने वाले मेयर के चुनाव में समर्थन के बदले में उसने कांग्रेस को डिप्टी मेयर का पद देने का वादा किया है।
कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने कहा है कि उनकी पार्टी शिवसेना को समर्थन नहीं करेगी। वहीं, शिवसेना ने भी साफ कर दिया है कि हम बीजेपी के साथ बीएमसी में नहीं जाएंगे.

Monday, 20 February 2017

मुंबई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को लेकर मुस्लिमो में नाराजगी

मुंबई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एमआईएम को लेकर मुंबई के मुस्लिम भड़क गए हैं। उनका कहना है कि सेक्यूलर वोटों को काटेगा जिससे सांप्रदायिक शक्तियां और मजबूत होगी। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस, एनसीपी, समाजवादी पार्टी के नेता एमआईएम को वोट कटवा के तौर पर पेश कर रहे हैं। दूसरी ओर, औबैसी सवाल पूछ रहे हैं कि इतने सालों से सेक्यूलर दलों ने मुसलमानों का क्या भला किया। कांग्रेस में उत्तर भारतीय और मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस के विधायक व नेता नसीम खान अपनी चुनावी सभाओं में एमआईएम पर जमकर बरसे। एमआईएम को बीजेपी का एजेंट करार देते हुए कहा कि वह सेक्यूलर वोटों का बंटवारा कर रही है। बांद्रा पूर्व विधानसभा के उपचुनाव में लोगों ने देखा कि एमआईएम ने किस तरह से सेक्यूलर वोटों का बंटवारा कराया। मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में वह वोट कटवा है लेकिन लोग समझदार है। इस बीएमसी चुनाव में उसकी पोल खुल जाएगी। बीएमसी चुनाव में नसीम खान ने मुंबई सहित राज्यभर में 50 से ज्यादा चुनावी सभाएं की। सभी सभाओं ने इन्होंने एमआईएम की पोल खोला। समाजवादी पार्टी प्रमुख अबू आसिम आसिम पहले ही एमआईएम को मुस्लिम समाज की सांप्रदायिक पार्टी करार दिया है। आजमी कहते हैं एमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी भड़काऊ भाषण देकर अपनी राजनीति चलाता है लेकिन मुस्लिम समाज इसे समझ गए हैं। बीएमसी, टीएमसी सहित सभी चुनावों में इसे मतदाता नकार देगा। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक कहते हैं इस बीएमसी चुनाव में एमएमआईएम एक फ्लाप शो साबित होगी

Monday, 6 February 2017

‘मित्रों’ सुनो तो उस पर अब ध्यान मत देना: उद्ध‌व


मुंबई/ शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्ध‌व ठाकरे ने अपनी चुनावी प्रचार सभा में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही अटैक किया। मुलुंड-भांडुप में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाताओं से कहा कि अगले 15 दिन में 'मित्रो, भाइयों-बहनों की आवाज सुनने को मिलेगी, ये करेंगे, वो करेंगे की आवाज आएगी', लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं हैं। अब इन बातों को सुनकर भूल जाना होगा। पारदर्शिता की शपथ पर चुटकी रविवार को बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों को हुतात्मा चौक ले जाकर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को अभिवादन कराया और उसके बाद पारदर्शिता की शपथ दिलाई। इस पर चुटकी लेते हुए उद्धव ने कहा कि हम मुंबईकर हैं हमें यह बात किसी को बताने की जरूरत नहीं है। किसी ने आज पारदर्शिता की शपथ ली है, लेकिन हम तो पहले से ही मुंबई की शपथ ले कर ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने आज हुतात्मा चौक में जाकर अभिवादन किया है क्या है वे लोग अखंड महाराष्ट्र की शपथ लेने को तैयार हैं? उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की एक इंच भूमि भी हम अलग नहीं होने देंगे। उद्धव ने कहा कि हम तो उनकी पारदर्शिता को देखने के लिए बैचेन हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता ही दिखानी है तो आगे से मंत्रिमंडल बैठक मीडिया के सामने होनी चाहिए। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या आपको पिछले ढाई साल में केंद्र सरकार के कामकाज में पारदर्शिता दिखी? मुंबई से खून रिश्ताउद्ध‌व ने कहा कि संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में खून देकर मुंबई पाई है और अब हम खून देकर मुंबई को बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में शिवसेना.

Sunday, 5 February 2017

‘अच्छे दिन’ का सपना दिखाने वाले मोदी ने 3 साल में युवाओं को नौकरी दी नहीं सिर्फ नोटबंदी करके छीनी हैं- शिवसेना


महाराष्ट्र में बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के बाद शिवसेना लगातार हमलावर होती जा रही है। बीजेपी के खिलाफ शिवसेना हमला करने का कोई भी मौका छोड़ नहीं रही है।

बुधवार को लोकसभा में पेश हुए केंद्रीय बजट को लेकर आज शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

शिवसेना ने सामना में लिखा कि सरकार ने राजनीतिक चंदे के लिए नियम तो बना दिए लेकिन सरकार को ये भी बताना चाहिए कि लोकसभा चुनावों के दौरान अच्छे दिन के प्रचार प्रसार में जो हजारों करोड़ रुपए खर्च हुए थे, वो पैसे कहां से आए थे?

शिवसेना ने नोटबंदी के जरिए मोदी सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि अच्छे दिन का सपना बेचकर सत्ता में आई इस सरकार ने नए रोजगार छोडि़ए नोटबंदी के चलते देश में 44 लाख लोगों की जो नोकरियां थी वो भी चली गई।

शिवसेना ने कहा कि अब जब चुनावों के देखते हुए मोदी सरकार गरीबों और किसानों को लुभाने की कोशिश कर रही है।

शाह और मौर्या खुद अपराधी है, जिन्होंने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ायी हों, लॉ एंड आर्डर की बात ना करें-अखिलेश यादव

लखनऊ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को निजी न्यूज चैनल इंडिया टीवी के कार्यक्रम ‘चुनाव मंच’ पर रजत शर्मा के हर सवाल का जवाब बड़ी ही ख़ूबसूरती के साथ दिया। इस दौरान सीएम अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या पर जोरदार हमला बोला है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनका भविष्य में देश का प्रधानमंत्री बनने का कोई सपना नही है और वह अपने प्रदेश में ख़ुश हैं। उन्होंने कहा कि यूपी-कांग्रेस गठबंधन का पूरा ध्यान विधानसभा चुनाव पर है। 2019 के लोकसभा चुनाव पर बात करना अभी जल्दबाज़ी होगी। इस चुनाव में गठबंधन 300 से ज़्यादा सीट जीतेगा।

कांग्रेस के साथ यूपी में चुनावी गठबंधन पर पिता और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह की असहमति पर अखिलेश ने कहा कि ”गठबंधन पर नेता जी की सहमति भी थी और नाराजगी भी।”

पिता के साथ विश्वासघात के आरोप पर अखिलेश ने कहा कि सपा आज भी नेता जी की है। पिता और पुत्र के संबंध नहीं बदलते।

अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले कुछ समय से पार्टी में जो कुछ हुआ वो राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से हुआ लेकिन अब सब ठीक है।

मुसलमानों के समर्थन के बारे में उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को उनकी आबादी के हिसाब से हक़ देने की कोशिश की है। मुस्लिम मतदाता समाजवादी पार्टी के साथ ही रहेंगे। उन्होंने मुज़फ़्फरनगर के दंगों पर अफसोस ज़ाहिर करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताक़ते आज भी मुज़फ़्फरनगर के दंगों पर आज भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रही है।

अखिलेश यादव ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कानून की धज्जियां उड़ायीं, वे ही आज सूबे की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं और भ्रष्टाचार की बात करने वाली बसपा मुखिया मायावती के ऐसे बोल खुद में एक अजूबा हैं।

अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अपनी सरकार की विफलता के विपक्षियों के आरोपों से जुड़े सवाल पर कहा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (अमित शाह) को देख लीजिये, उन्होंने कानून-व्यवस्था पर कितनी कृपा की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष :केशव मौर्या: भी ऐसे ही हैं। वे खुद पर पर लगी धाराओं के बारे में लोगों को क्यों नहीं बताते। जिन्होंने खुद कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ायी हों, वे ही कानून-व्यवस्था की बात कर रहे हैं।

राज्य में क़ानून व्यवस्था की ख़राब स्थिति के आरोप पर अखिलेश यादव ने कहा कि कानून की धज्जियां उड़ाने वाले कानून व्यवस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र ने राज्य में कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए पुलिस के आधुनिकीकरण का पैसा रोका।